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UGC का विरोध, सामान्य वर्ग (जनरल कैटेगरी) के बच्चों के भविष्य के लिए !

झूठा/फालतू आरोप लगाने पर कोई विशेष सजा नहीं ! ड्राफ्ट में false/frivolous complaint पर penalty का क्लॉज था, लेकिन फाइनल नियम (जनवरी 2026) में हटा दिया गया—पीड़ित बिना डर के शिकायत करें, इसलिए safeguard नहीं रखा। झूठी शिकायत पर IPC 182/211 (झूठी रिपोर्ट/मानहानि) या कॉलेज के आंतरिक नियम लागू हो सकते हैं, लेकिन UGC में कोई penalty नहीं। अगर SC/ST/OBC छात्र जनरल छात्र को जातिगत भेदभाव करता है UGC नियम में कोई सीधा प्रावधान नहीं। ये एक तरफा  है, जनरल के लिए जाति पर कोई प्रोटेक्शन नहीं।   सामान्य वर्ग (जनरल कैटेगरी) के खिलाफ जातिगत भेदभाव (गाली, बहिष्कार, हारासमेंट) को UGC नियम में कवर नहीं किया गया।  जातिगत भेदभाव की परिभाषा (Regulation 3(c)): सिर्फ SC, ST, OBC के खिलाफ जाति/जनजाति आधारित भेदभाव को कवर करता है।  बच्चों के भविष्य के लिए  अगर जनरल कैटेगरी में बच्चे हैं, तो विरोध/जागरूकता/कानूनी रास्ता अपनाना उचित है—झूठे आरोप  से पढ़ाई/करियर प्रभावित हो सकता है। शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाएं, ताकि नियम सभी के लिए बराबर और सुरक्षित बनें। ये कदम उठाकर सरकार वि...

हेयर स्टाइल : प्राचीन परंपराओं से आधुनिक ट्रेंड तक का सफर

समय और संस्कृति का बदलता फैशन

हेयर स्टाइल का चलन समय के साथ संस्कृति, फैशन और सामाजिक बदलावों से विकसित हुआ। प्राचीन काल में लोग अपनी पहचान और सुंदरता दिखाने के लिए बालों को खास अंदाज में संवारते थे। मिस्र में विग और चोटियाँ लोकप्रिय थीं, तो भारत में वेदिक काल में जूड़ा और लंबी चोटियाँ प्रचलित थीं। ग्रीस और रोम में कर्ल और जटिल बुनाई का बोलबाला था। मध्य युग में यूरोप में लंबे बाल और भारी हेडड्रेस का चलन था, जबकि भारत में बनारसी जूड़ा और दक्षिण भारतीय फूलों से सजे जूड़े आम थे। 20वीं सदी में सिनेमा और पॉप संस्कृति ने हेयर स्टाइल को नया आयाम दिया। 1920 में बॉब कट, 1960 में बीहाइव और 1980 में परम्ड हेयर ने फैशन की दुनिया में तहलका मचाया।
भारत में पारंपरिक तौर पर लंबी चोटियाँ, जूड़े और गजरे से सजे बाल प्रचलित रहे। दक्षिण भारत में फूलों की माला और जटिल चोटियाँ खास थीं। आज बॉलीवुड से प्रेरित लेयर्ड कट, स्टेप कट और मेसी बन महिलाओं में लोकप्रिय हैं, जबकि पुरुष अंडरकट और पोम्पाडौर जैसे स्टाइल अपनाते हैं। क्षेत्रीय संस्कृति और मौसम भी इन शैलियों को प्रभावित करते हैं, जैसे गर्मियों में ऊँचे बन ज्यादा पसंद किए जाते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका में 1950 के रॉक एन रोल से प्रेरित पोम्पाडौर और 1960 के हिप्पी लंबे बाल मशहूर थे। अब पुरुषों में फेड, क्रॉप और क्विफ का चलन है, तो महिलाएँ बीच वेव्स, लॉन्ग बॉब और पिक्सी कट को पसंद करती हैं। हॉलीवुड, रैप और पॉप संस्कृति यहाँ के स्टाइल को दिशा देती है।
जापान में गीशा का शिमाडा जूड़ा और समुराई का टॉप नॉट पारंपरिक शैली थी। आज हाराजुकु स्टाइल, एनिमे से प्रेरित रंगीन बाल, बैंग्स और शॉर्ट बॉब युवाओं को आकर्षित करते हैं। एनिमे, के-पॉप और स्ट्रीट फैशन यहाँ के हेयर स्टाइल को प्रभावित करते हैं।
फ्रांस में 18वीं सदी में जटिल विग और ऊँचे जूड़े प्रचलित थे। अब फ्रेंच बॉब, मेसी शैग और एलिगेंट अपडू का चलन है। पेरिस की फैशन संस्कृति और न्यूनतम सुंदरता यहाँ के स्टाइल की पहचान है।
दक्षिण कोरिया में पहले लंबे, साधारण बाल या जूड़े आम थे, लेकिन अब पुरुषों में टू-ब्लॉक कट और कोमा हेयर, और महिलाओं में सी-कर्ल और हश कट लोकप्रिय हैं। के-पॉप और कोरियाई ड्रामा इन स्टाइल्स को वैश्विक बनाते हैं।

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