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UGC का विरोध, सामान्य वर्ग (जनरल कैटेगरी) के बच्चों के भविष्य के लिए !

झूठा/फालतू आरोप लगाने पर कोई विशेष सजा नहीं ! ड्राफ्ट में false/frivolous complaint पर penalty का क्लॉज था, लेकिन फाइनल नियम (जनवरी 2026) में हटा दिया गया—पीड़ित बिना डर के शिकायत करें, इसलिए safeguard नहीं रखा। झूठी शिकायत पर IPC 182/211 (झूठी रिपोर्ट/मानहानि) या कॉलेज के आंतरिक नियम लागू हो सकते हैं, लेकिन UGC में कोई penalty नहीं। अगर SC/ST/OBC छात्र जनरल छात्र को जातिगत भेदभाव करता है UGC नियम में कोई सीधा प्रावधान नहीं। ये एक तरफा  है, जनरल के लिए जाति पर कोई प्रोटेक्शन नहीं।   सामान्य वर्ग (जनरल कैटेगरी) के खिलाफ जातिगत भेदभाव (गाली, बहिष्कार, हारासमेंट) को UGC नियम में कवर नहीं किया गया।  जातिगत भेदभाव की परिभाषा (Regulation 3(c)): सिर्फ SC, ST, OBC के खिलाफ जाति/जनजाति आधारित भेदभाव को कवर करता है।  बच्चों के भविष्य के लिए  अगर जनरल कैटेगरी में बच्चे हैं, तो विरोध/जागरूकता/कानूनी रास्ता अपनाना उचित है—झूठे आरोप  से पढ़ाई/करियर प्रभावित हो सकता है। शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाएं, ताकि नियम सभी के लिए बराबर और सुरक्षित बनें। ये कदम उठाकर सरकार वि...

बिहार के प्राचीन और ऐतिहासिक जगह जहां एक बार जरूर जाएं


इतिहास, धर्म, संस्कृति, और प्रकृति का अनूठा मिश्रण जो एक अविस्मरणीय अनुभव देगा

बिहार, भारत का एक प्राचीन और ऐतिहासिक राज्य जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। यह वह भूमि है जहां बौद्ध और जैन धर्म का उदय हुआ, जहां प्राचीन शिक्षा के केंद्र फले-फूले, और जहां इतिहास के कई महत्वपूर्ण पन्ने लिखे गए। बिहार में घूमने के लिए कई स्थान हैं जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। 

बोधगया बिहार का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जो बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए पवित्र तीर्थस्थल माना जाता है। यह वह स्थान है जहां गौतम बुद्ध ने बोधि वृक्ष के नीचे ध्यान लगाकर ज्ञान प्राप्त किया था। महाबोधि मंदिर, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, यहां का मुख्य आकर्षण है। इसके अलावा, बोधि वृक्ष, मुचलिंडा झील, थाई मंदिर, और रॉयल भूटान मठ भी देखने लायक हैं। यह स्थान शांति और आध्यात्मिकता की खोज करने वालों के लिए आदर्श है।

गया हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है, जहां पिंडदान करने की परंपरा है। फल्गु नदी के तट पर बसा यह शहर विष्णुपद मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, जहां भगवान विष्णु के चरण-चिह्न मौजूद हैं। इसके अलावा, बोधगया की निकटता के कारण यह बौद्ध पर्यटकों के लिए भी आकर्षक है। मंगला गौरी मंदिर और बराबर गुफाएं भी देखने लायक हैं।

नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर बिहार के ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक हैं। यह प्राचीन विश्वविद्यालय 5वीं से 13वीं शताब्दी तक शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा। कहा जाता है कि भगवान बुद्ध और जैन तीर्थंकर महावीर ने भी यहां समय बिताया था। नालंदा पुरातत्व संग्रहालय और ह्वेन त्सांग मेमोरियल हॉल भी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं। इतिहास और शिक्षा में रुचि रखने वालों के लिए यह स्थान अवश्य देखने योग्य है।

पटना, बिहार की राजधानी और सबसे बड़ा शहर, प्राचीन पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाता था। यह शहर गंगा नदी के किनारे बसा है और सिख, हिंदू, और बौद्ध धर्म के लिए महत्वपूर्ण है। गुरुद्वारा पटना साहिब गुरु गोबिंद सिंह का जन्मस्थान, गोलघर, बिहार संग्रहालय, और कुम्हरार पार्क यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। पटना का आधुनिक और ऐतिहासिक मिश्रण इसे एक रोचक गंतव्य बनाता है।

राजगीर, जिसे पहले राजगृह कहा जाता था, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थान बौद्ध, जैन, और हिंदू धर्म से जुड़ा हुआ है। भगवान बुद्ध ने यहां कई उपदेश दिए थे। विश्व शांति स्तूप, राजगीर रोपवे, गर्म कुंड, और सोन भंडार गुफाएं पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। पांच पहाड़ियों से घिरा यह शहर प्रकृति प्रेमियों के लिए भी खास है।

वैशाली एक ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल है, जिसे विश्व के पहले गणतंत्र के रूप में जाना जाता है। यह जैन तीर्थंकर महावीर का जन्मस्थान और भगवान बुद्ध के अंतिम उपदेश का स्थान है। अशोक स्तंभ, विश्व शांति स्तूप, और बौद्ध अवशेष यहां के मुख्य दर्शनीय स्थल हैं। वैशाली की शांत वातावरण और हरे-भरे खेत इसे एक अनोखा अनुभव प्रदान करते हैं।

मधुबनी अपनी विश्व प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग के लिए जानी जाती है। यह शहर मिथिला संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है और रामायण से भी जुड़ा हुआ है। सौराठ, कपिलेश्वरनाथ मंदिर, और फुल्लाहर जैसे स्थान यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। मखाना की खेती और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी पर्यटकों को लुभाता है।

भागलपुर को रेशम नगरी के नाम से जाना जाता है, जो अपनी उच्च गुणवत्ता वाली सिल्क के लिए प्रसिद्ध है। मंदार हिल, विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभयारण्य, और बौसी मेला यहां के लोकप्रिय स्थल हैं। यह शहर प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व का संगम है।

सीतामढ़ी को माता सीता के जन्मस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। पूनौरा धाम, जहां सीता का जन्म हुआ था, और जानकी मंदिर यहां के प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। यह स्थान हिंदू भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है और इसकी शांत वातावरण मन को सुकून देती है।

मुंगेर एक ऐतिहासिक शहर है, जो मीर कासिम की राजधानी रहा था। यह बिहार स्कूल ऑफ योग और कष्टहरणी घाट के लिए प्रसिद्ध है। श्री कृष्ण वाटिका और मुंगेर किला भी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं। गंगा नदी के किनारे बसा यह शहर शांति और आध्यात्मिकता का अनुभव कराता है।

अगली बार जब आप घूमने की योजना बनाएं, बिहार को अपनी सूची में जरूर शामिल करें। यह राज्य आपको एक अविस्मरणीय अनुभव देगा। यहां के स्थानीय व्यंजन जैसे लिट्टी-चोखा और मखाना का स्वाद आपकी यात्रा को और यादगार बना देगा। 

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