महान बल्लेबाज का प्रारंभिक जीवन और क्रिकेट यात्रा
24 अप्रैल 1973 को मुंबई के दादर में एक मराठी परिवार में जन्मे सचिन रमेश तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान कहा जाता है। उनके पिता रमेश तेंदुलकर एक मराठी कवि और उपन्यासकार थे, जबकि माँ रजनी बीमा उद्योग में कार्यरत थीं। सचिन के बड़े भाई अजित ने उनकी क्रिकेट प्रतिभा को पहचाना और 1984 में उन्हें कोच रमाकांत आचरेकर से मिलवाया। 11 वर्ष की आयु में सचिन ने क्रिकेट शुरू किया और 14 वर्ष की आयु में स्कूल मैच में 664 रनों की विश्व रिकॉर्ड साझेदारी बनाई।
सचिन ने 16 वर्ष की आयु में 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया, जिससे वे भारत के सबसे कम उम्र के टेस्ट क्रिकेटर बने। 1990 में इंग्लैंड के खिलाफ पहला टेस्ट शतक (119*) बनाकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। सचिन तेंदुलकर ने 24 साल के करियर में कई रिकॉर्ड बनाए। वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक (51 टेस्ट, 49 वनडे) बनाने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। उन्होंने टेस्ट में 15,921 और वनडे में 18,426 रन बनाए, जो कुल 34,357 अंतरराष्ट्रीय रन हैं। 2010 में वे वनडे में दोहरा शतक (200*) बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने। उन्होंने 200 टेस्ट मैच खेले, जो एक विश्व रिकॉर्ड है। 1998 में शारजाह में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी "डेजर्ट स्टॉर्म" पारी (143) और 2002 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 29वां टेस्ट शतक (ब्रैडमैन के रिकॉर्ड की बराबरी) उनकी महानता के प्रमाण हैं।
सचिन को 1994 में अर्जुन पुरस्कार, 1997-98 में राजीव गांधी खेल रत्न, 1999 में पद्म श्री, 2008 में पद्म विभूषण और 2014 में भारत रत्न (खेल में पहला और सबसे कम उम्र का प्राप्तकर्ता) से सम्मानित किया गया। 2010 में उन्हें ICC क्रिकेटर ऑफ द ईयर और 2019 में ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। 2023 में उनके 50वें जन्मदिन पर शारजाह स्टेडियम में एक स्टैंड और सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में गेट उनके नाम पर रखे गए।
सचिन ने 1995 में डॉ. अंजलि मेहता से विवाह किया, जिनसे उनकी दो संतानें सारा और अर्जुन हैं। उनकी लोकप्रियता ऐसी, कि वे भारत में क्रिकेट के पर्याय बन गए। उनकी सादगी, समर्पण और खेल के प्रति जुनून ने उन्हें विश्व भर में प्रेरणा स्रोत बनाया। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। सचिन ने 2012 में वनडे और 2013 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया, अपना अंतिम टेस्ट वानखेड़े स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला।
सचिन तेंदुलकर का 52वां जन्मदिन (24 अप्रैल 2025) न केवल उनके रिकॉर्ड्स, बल्कि उनकी विनम्रता, कर्तव्यनिष्ठा और भारत के लिए उनके योगदान का उत्सव है। क्रिकेट के मैदान से लेकर सामाजिक कार्यों तक, वे एक सच्चे प्रेरणास्रोत हैं, जिन्होंने भारत को विश्व क्रिकेट में नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया।
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