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UGC का विरोध, सामान्य वर्ग (जनरल कैटेगरी) के बच्चों के भविष्य के लिए !

झूठा/फालतू आरोप लगाने पर कोई विशेष सजा नहीं ! ड्राफ्ट में false/frivolous complaint पर penalty का क्लॉज था, लेकिन फाइनल नियम (जनवरी 2026) में हटा दिया गया—पीड़ित बिना डर के शिकायत करें, इसलिए safeguard नहीं रखा। झूठी शिकायत पर IPC 182/211 (झूठी रिपोर्ट/मानहानि) या कॉलेज के आंतरिक नियम लागू हो सकते हैं, लेकिन UGC में कोई penalty नहीं। अगर SC/ST/OBC छात्र जनरल छात्र को जातिगत भेदभाव करता है UGC नियम में कोई सीधा प्रावधान नहीं। ये एक तरफा  है, जनरल के लिए जाति पर कोई प्रोटेक्शन नहीं।   सामान्य वर्ग (जनरल कैटेगरी) के खिलाफ जातिगत भेदभाव (गाली, बहिष्कार, हारासमेंट) को UGC नियम में कवर नहीं किया गया।  जातिगत भेदभाव की परिभाषा (Regulation 3(c)): सिर्फ SC, ST, OBC के खिलाफ जाति/जनजाति आधारित भेदभाव को कवर करता है।  बच्चों के भविष्य के लिए  अगर जनरल कैटेगरी में बच्चे हैं, तो विरोध/जागरूकता/कानूनी रास्ता अपनाना उचित है—झूठे आरोप  से पढ़ाई/करियर प्रभावित हो सकता है। शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाएं, ताकि नियम सभी के लिए बराबर और सुरक्षित बनें। ये कदम उठाकर सरकार वि...

वज्रपात : 10 करोड़ से 30 करोड़ वोल्ट तक की ताकत

आकाशीय बिजली का निर्माण और इससे बचाव

आकाशीय बिजली, जिसे वज्रपात भी कहा जाता है, प्रकृति की एक शक्तिशाली और खतरनाक घटना है। आकाशीय बिजली के गिरने से जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। यह सीधे किसी व्यक्ति पर गिरने, किसी वस्तु के माध्यम से करंट पहुंचने या जमीन के जरिए झटका देने से चोट पहुंचा सकती है। इसके अलावा, यह इमारतों, पेड़ों, और फसलों को भी नष्ट कर सकती है। वज्रपात का प्रभाव ऊंचे, मैदानी क्षेत्रों में अधिक देखा जाता है। भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बिजली गिरने की घटनाएं अधिक होती हैं, खासकर मानसून के दौरान। भारत में हर साल कइयों की मौत बिजली गिरने से होती है.
आकाशीय बिजली तब बनती है जब बादलों में पानी की बूंदें और बर्फ के क्रिस्टल आपस में टकराते हैं। जिससे चमक और गड़गड़ाहट पैदा होती है, इस टकराव से विद्युत आवेश पैदा होता है, जिसमें कुछ बादल धनात्मक (पॉजिटिव) और कुछ ऋणात्मक (निगेटिव) चार्ज से भर जाते हैं। जब इनके बीच का अंतर बहुत अधिक हो जाता है, तो यह आवेश बिजली के रूप में निर्वाहित होता है। पृथ्वी में पहले से पॉजिटिव चार्ज मौजूद होता है. ऐसे में धरती और आकाश के दोनों नेगटिव एवं पॉजिटिव चार्ज एक दूसरे की तरफ आकर्षित होते हैं. जब इन दोनों चार्जों के बीच में कोई कंडक्टर आता है तो इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज होता है. आसमान में कोई इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज नहीं होता है तो यही इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज ठनका के रूप में धरती पर गिरती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, एक बिजली की चमक में 10 करोड़ से 30 करोड़ वोल्ट तक की शक्ति हो सकती है, जो इसे अत्यंत विनाशकारी बनाती है.
तूफान के दौरान बिजली के उपकरणों, धातु के पाइपों, और खिड़कियों से दूर रहें। फोन चार्ज करने से बचें। खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों, पानी, और धातु की वस्तुओं से दूर रहें। अगर कोई सुरक्षित आश्रय न हो, तो पैर जोड़कर नीचे झुकें। अगर बिजली की चमक के बाद 30 सेकंड के भीतर गड़गड़ाहट सुनाई दे, तो खतरा करीब है। तुरंत सुरक्षित जगह पर जाएं।
जागरूकता, सही समय पर सावधानी, और मौसम की जानकारी हमें इसके खतरों से बचा सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली रोधक उपकरणों का उपयोग और शिक्षा के प्रसार से भी नुकसान को कम किया जा सकता है.

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