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UGC का विरोध, सामान्य वर्ग (जनरल कैटेगरी) के बच्चों के भविष्य के लिए !

झूठा/फालतू आरोप लगाने पर कोई विशेष सजा नहीं ! ड्राफ्ट में false/frivolous complaint पर penalty का क्लॉज था, लेकिन फाइनल नियम (जनवरी 2026) में हटा दिया गया—पीड़ित बिना डर के शिकायत करें, इसलिए safeguard नहीं रखा। झूठी शिकायत पर IPC 182/211 (झूठी रिपोर्ट/मानहानि) या कॉलेज के आंतरिक नियम लागू हो सकते हैं, लेकिन UGC में कोई penalty नहीं। अगर SC/ST/OBC छात्र जनरल छात्र को जातिगत भेदभाव करता है UGC नियम में कोई सीधा प्रावधान नहीं। ये एक तरफा  है, जनरल के लिए जाति पर कोई प्रोटेक्शन नहीं।   सामान्य वर्ग (जनरल कैटेगरी) के खिलाफ जातिगत भेदभाव (गाली, बहिष्कार, हारासमेंट) को UGC नियम में कवर नहीं किया गया।  जातिगत भेदभाव की परिभाषा (Regulation 3(c)): सिर्फ SC, ST, OBC के खिलाफ जाति/जनजाति आधारित भेदभाव को कवर करता है।  बच्चों के भविष्य के लिए  अगर जनरल कैटेगरी में बच्चे हैं, तो विरोध/जागरूकता/कानूनी रास्ता अपनाना उचित है—झूठे आरोप  से पढ़ाई/करियर प्रभावित हो सकता है। शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाएं, ताकि नियम सभी के लिए बराबर और सुरक्षित बनें। ये कदम उठाकर सरकार वि...

अप्रैल की शुरुआत होगी त्योहारों के साथ : नवरात्र, छठ और रामनवमी के लिए रहें तैयार


नवरात्रि शक्ति की देवी मां दुर्गा तो छठ सूर्य भगवान वहीं रामनवमी में भगवान राम में आस्था जताने पर्व

चैत्र नवरात्र में शक्ति की स्वरूपनी माँ दुर्गा की पूजा की पूजा की जाती है तो, चैती छठ सूर्य भगवान व प्रकृति में आस्था जताने और संतान की उन्नति व रक्षा के लिए है, और रामनवमी भगवान राम की भक्ति और मर्यादा से जुड़े हुए त्यौहार हैं। ये तीनों त्योहार चैत्र मास में आते हैं और आध्यात्मिक शुद्धि, परिवार के कल्याण, और प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाते हैं। इन त्योहारों को श्रद्धा और परंपराओं के साथ मनाने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।

नवरात्रि नौ दिनों का पर्व है जो चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होकर नवमी तक चलती है। जबकि चैती छठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से सप्तमी तिथि तक मनाई जाता है। तो रामनवमी चैत्र नवरात्र के नौवें दिन, शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है।

नवरात्र में मां दुर्गा की नौ रूपों (नवदुर्गा) की पूजा की जाती है। चैत्र नवरात्र हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान मां दुर्गा की आराधना करने से शक्ति, समृद्धि, और सुख प्राप्त होता है। यह आत्म-शुद्धि, व्रत, और ध्यान का समय है। ब्रह्म पुराण के अनुसार, चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री के प्रकट होने और सृष्टि निर्माण की शुरुआत से यह पर्व जुड़ा है। यह प्रकृति के नवीकरण और वसंत ऋतु के आगमन का भी प्रतीक है।

चैती छठ सूर्य देव और छठी मैया (षष्ठी देवी) की उपासना का पर्व है, जो मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लोकप्रिय है। यह पर्व संतान की दीर्घायु, स्वास्थ्य, और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मनाया जाता है। मान्यता है कि सूर्य की पूजा से रोग-दोष दूर होते हैं और छठी मैया संतान व सुख प्रदान करती हैं। यह चार दिनों तक चलता है, जिसमें 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा जाता है। यह प्रकृति और सूर्य की शक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी माध्यम है।
 रामनवमी भगवान राम के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जो विष्णु के सातवें अवतार हैं। यह चैत्र नवरात्र का समापन भी है। रामनवमी भगवान राम के आदर्श जीवन, धर्म, और मर्यादा का स्मरण कराती है। मान्यता है कि इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन में शांति, साहस, और समृद्धि आती है। रामायण के अनुसार, त्रेतायुग में चैत्र शुक्ल नवमी को अयोध्या में राजा दशरथ के घर भगवान राम का जन्म हुआ था।

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